ससद पर हुए आतंकी हमले
फिर भी सूखे नहीं भाईचारे के गमले
आतंकियों का मचा घमासान
एकजुट हो गए हिन्दू-मुसलमान
ओ सुन आतंकवाद
पाकिस्तान की औलाद
तू क्या समझता है
भारत को चाट जाएगा
पानी भी नसीब नहीं होगा।
जिस दिन भारत पर उँगली उठाएगा।
वक्त रहते गर तू न सुधरा तो,
जिस कोख़ में तू पल रहा है
उसे बांझ कर दिया जाएगा
ओ आँख से अंधे कुएँ
अमेरिका के पिस्सू
पाल रहा तालिंबानी जूएँ
आँखे खोल कर देख
बेगुनाहों का खून
तेरी बंदूक से निकल रहा है
आतंकवाद तेरी कोख में पल रहा है
तू गर न सुधरा तो भस्मासुर तुझे खा जाएगा
बस सबूत माँगता रह जाएगा।
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Sunday, November 22, 2009
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